कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले की 8 प्रमुख दवा दुकानों को नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।
रिपोर्ट

3 दिन के भीतर माँगा जवाब, संतोषजनक उत्तर न मिलने पर रद्द हो सकते हैं लाइसेंस
शहडोल। औषधि नियमों की अनदेखी और लापरवाही बरतने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले की 8 प्रमुख दवा दुकानों को नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। समय पर संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम 1945 के तहत एकतरफा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इन 8 मेडिकल स्टोर संचालकों को जारी हुआ नोटिस
औषधि अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा जारी सूचना पत्र के अनुसार, जिन दुकानों पर अनियमितताएं पाई गई हैं और जिन्हें कारण बताओ नोटिस थमाया गया है, उनके नाम और संचालक इस प्रकार हैं।
* दिशा मेडिकल स्टोर (रेलवे तिराहा, ब्यौहारी) – संचालक: अभिनय सिंह बघेल
* लाइफ लाइन मेडिकल स्टोर (जिला चिकित्सालय कॉम्प्लेक्स, जय स्तंभ चौक, शहडोल) – संचालक: अभिमन्यु सिंह
* न्यू गुप्ता मेडिकल स्टोर (शहडोल) – संचालक: करण गुप्ता
* ओम मेडिकल स्टोर (ओपियम तिराहा, अमलई) – संचालक: जुगनू केवट
* राज मेडिकल स्टोर (रीवा रोड, जयसिंहनगर) – संचालक: रजनीश गुप्ता
* श्रीजी मेडिकल स्टोर (शहडोल) – संचालक: कश्मीरा विनोद अग्रवाल
* तिवारी फार्मा (शहडोल) – संचालक: संजीव कुमार तिवारी
* वैभव मेडिकल स्टोर (रीवा रोड, जयसिंहनगर) – संचालक: वैभव शुक्ला
3 दिन में देना होगा लिखित जवाब, सुनवाई का भी मौका
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि नोटिस मिलने के 3 दिन के भीतर संबंधित संचालकों को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई संचालक व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर चाहता है, तो उसे अपने लिखित उत्तर में इसका उल्लेख करना होगा।
चेतावनी: दी गई समयावधि के भीतर जवाब न मिलने पर यह मान लिया जाएगा कि संचालक को अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम के तहत एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई शामिल हो सकती है।

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